श्रवण नक्षत्र
Shravana · 27 में से 22वाँ नक्षत्र
श्रवण जन्म नक्षत्र: सुनने की कला, सीखने की लगन, ज्ञान से पहचान
इस नक्षत्र में जन्म
आपका जन्म नक्षत्र श्रवण है, जिसका अर्थ है 'सुनना'। इसके स्वामी चंद्रमा हैं और देवता भगवान विष्णु, जो जगत के पालनहार हैं। इसका चिह्न कान या तीन पदचिह्न हैं। इसलिए आपकी सबसे बड़ी ताक़त है सुनना और सीखना। आप ध्यान से सुनते हैं, बात को याद रखते हैं, और सही समय पर सही बात कहते हैं। आप शांत, शिष्ट, समझदार और परंपरा का आदर करने वाले हैं।
काम में आप शिक्षण, सलाहकारी, परामर्श, संगीत, भाषा, मीडिया, लेखन, धर्म, यात्रा और जनसंपर्क में अच्छा करते हैं। ज्ञान ही आपकी पूँजी है, और उसी से आपको मान मिलता है। धन स्थिर रहता है और आप सोच-समझकर खर्च करते हैं। रिश्तों में आप समझदार और निभाने वाले हैं, पर सुनी-सुनाई बात पर भरोसा और ज़रूरत से ज़्यादा संवेदनशीलता गलतफहमी ला सकती है। सेहत में कान, घुटने, त्वचा और पाचन पर ध्यान दीजिए।
आपकी परीक्षा है कान का कच्चा होना और लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता। दूसरों की राय आपको ज़रूरत से ज़्यादा प्रभावित कर सकती है।
बात को परखकर मानिए, और अपनी अंतरात्मा की आवाज़ भी उतने ही ध्यान से सुनिए। भगवान विष्णु का स्मरण, सत्संग और अच्छी बातें सुनना आपके लिए सबसे शुभ है। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।
- •नक्षत्र का सार: स्वामी चंद्रमा, देवता भगवान विष्णु, चिह्न कान या तीन पदचिह्न, राशि मकर
- •आपकी शक्तियाँ: ध्यान से सुनना, तेज़ याददाश्त, सीखने की लगन, शिष्टता और सही सलाह देना
- •ध्यान रखने योग्य: सुनी-सुनाई पर भरोसा, लोगों की राय की चिंता, ज़्यादा संवेदनशीलता और गपशप
- •आपके लिए उपयुक्त काम: शिक्षण, परामर्श, संगीत, भाषा और अनुवाद, मीडिया, लेखन, धर्म और जनसंपर्क
- •आपके लिए सलाह: आप जो सुनते हैं वही बनते हैं, इसलिए अपनी संगत और अपने शब्द सोचकर चुनिए
यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।
विशेषताएँ
चार चरण
हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।
चरण 1
नवांश: मेषश्रवण का पहला चरण: मेष नवांश, साहस और पहल
आपका चंद्रमा श्रवण नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण मेष नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी मंगल हैं। इसलिए सुनने-सीखने की लगन वाले आपके श्रवण स्वभाव पर मंगल की आग, साहस और पहल करने की जल्दी का असर साफ़ दिखता है।
यह चरण आपको कर्मठ बनाता है। काम में आप शुरुआत करने वाले हैं, नेतृत्व और जोखिम वाले काम आपको रास आते हैं। धन आप अपने दम पर कमाते हैं, पर जल्दबाज़ी में खर्च भी हो सकता है। रिश्तों में आप सच्चे हैं, बस ग़ुस्से में कही बात बाद में भारी पड़ सकती है। सेहत में सिर, रक्तचाप और चोट का ध्यान रखिए। बड़ा फैसला एक रात रुककर लीजिए। इसका फल मिलने की संभावना संबंधित ग्रह की दशा में बढ़ जाती है।
चरण 2
नवांश: वृषभश्रवण का दूसरा चरण: वृष नवांश, स्थिरता और सुख
आपका चंद्रमा श्रवण नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण वृष नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। इसलिए सुनने-सीखने की लगन वाले आपके श्रवण स्वभाव पर शुक्र की स्थिरता, धैर्य और सुख-सुविधा की चाह का असर साफ़ दिखता है।
यह चरण आपको टिकाऊ बनाता है। काम में आप धीरे पर पक्का चलते हैं और जो शुरू करते हैं उसे पूरा करते हैं। धन जोड़ना और संपत्ति बनाना आपको आता है, और अच्छा भोजन व आरामदायक घर आपको सुख देता है। रिश्तों में आप वफ़ादार हैं, पर ज़िद और अधिकार जताना खटक सकता है। सेहत में गला, वज़न और मीठे की अति का ध्यान रखिए। इसका फल मिलने की संभावना संबंधित ग्रह की दशा में बढ़ जाती है।
चरण 3
नवांश: मिथुनश्रवण का तीसरा चरण: मिथुन नवांश, बुद्धि और बातचीत
आपका चंद्रमा श्रवण नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण मिथुन नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी बुध हैं। इसलिए सुनने-सीखने की लगन वाले आपके श्रवण स्वभाव पर बुध की चपलता, बुद्धि और बातचीत का हुनर का असर साफ़ दिखता है।
यह चरण आपके दिमाग़ और ज़ुबान को तेज़ करता है। काम में लिखना, बोलना, बेचना, सिखाना या व्यापार आपको रास आता है, और आप एक साथ कई काम सँभाल लेते हैं। धन अक्सर एक से ज़्यादा स्रोत से आता है। रिश्तों में आप दोस्त जैसे साथी हैं, पर आपका ध्यान जल्दी भटक सकता है। सेहत में नसें, कंधे और नींद का ध्यान रखिए। रोज़ के तीन ज़रूरी काम पहले निपटाएँ। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।
चरण 4
नवांश: कर्कश्रवण का चौथा चरण: कर्क नवांश, ममता और संवेदना
आपका चंद्रमा श्रवण नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण कर्क नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी चंद्रमा हैं। इसलिए सुनने-सीखने की लगन वाले आपके श्रवण स्वभाव पर चंद्रमा की कोमलता, ममता और घर-परिवार से लगाव का असर साफ़ दिखता है।
यह चरण आपको भावुक और पालने वाला बनाता है। काम में सेवा, देखभाल, शिक्षा, खान-पान या जनता से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं। धन आप बचाकर रखते हैं और घर-ज़मीन में लगाना पसंद करते हैं। रिश्तों में आप पूरे मन से जुड़ते हैं, पर छोटी बात पर आहत होकर चुप हो सकते हैं। सेहत में पेट, सीना और मन के उतार-चढ़ाव का ध्यान रखिए। मन भारी हो तो किसी अपने से कह दीजिए। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।
चंद्र के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र
Frequently asked questions
श्रवण नक्षत्र का स्वामी कौन है?
श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा श्रवण में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में चंद्र की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 10 वर्ष की होती है।
श्रवण का गण और नाड़ी क्या है?
श्रवण देव गण और अंत्य नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।
श्रवण नक्षत्र किस राशि में आता है?
श्रवण निरयण राशिचक्र के 280° से 293.33° तक फैला है, जो मकर राशि में पड़ता है।
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