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हस्त नक्षत्र

Hasta · 27 में से 13वाँ नक्षत्र

हस्त जन्म नक्षत्र: हुनरमंद हाथ, तेज़ दिमाग़, काम साधने की कला

इस नक्षत्र में जन्म

आपका जन्म नक्षत्र हस्त है, जिसका अर्थ है 'हाथ'। इसके स्वामी चंद्रमा हैं और देवता सविता, यानी सूर्य का वह रूप जो सृजन की प्रेरणा देता है। इसका चिह्न खुली हथेली है। इसलिए आपके हाथों में हुनर है। जो चीज़ आप हाथ में लेते हैं, उसे साध लेते हैं। आप चतुर, हँसमुख, व्यावहारिक और बातचीत में निपुण हैं। मुश्किल से मुश्किल काम का रास्ता आप निकाल ही लेते हैं।

काम में आप हस्तकला, चित्रकारी, लेखन, चिकित्सा, मालिश और उपचार, व्यापार, बिक्री, लेखा और तकनीकी कारीगरी में अच्छा करते हैं। आपकी मेहनत और सूझ-बूझ आपको शून्य से ऊपर उठा सकती है। धन आप अपने हुनर से कमाते हैं और हिसाब के पक्के हैं। रिश्तों में आप ख़याल रखने वाले और मज़ाकिया हैं, पर नुक्ताचीनी और अपनी चलाने की आदत खटक सकती है। सेहत में हाथ, पेट, आँतें और चिंता पर ध्यान दीजिए।

आपकी परीक्षा है बेचैन मन और चालाकी का मोह। हर चीज़ अपने काबू में रखने की चाह आपको थका सकती है।

अपने हुनर को ईमानदारी के साथ जोड़िए, तभी वह लंबे समय तक फल देता है। सुबह सूर्य को जल, गायत्री मंत्र का जाप और हाथों से कोई रचनात्मक काम आपके मन को शांत रखता है। इसका फल मिलने की संभावना संबंधित ग्रह की दशा में बढ़ जाती है।

  • •नक्षत्र का सार: स्वामी चंद्रमा, देवता सविता, चिह्न खुली हथेली, राशि कन्या
  • •आपकी शक्तियाँ: हाथ का हुनर, सूझ-बूझ, मेहनत, हँसमुख स्वभाव और हर समस्या का रास्ता निकालना
  • •ध्यान रखने योग्य: नुक्ताचीनी, बेचैनी, सब कुछ काबू में रखने की चाह और चिंता से बिगड़ता पाचन
  • •आपके लिए उपयुक्त काम: हस्तकला, चित्रकारी, लेखन, चिकित्सा और उपचार, व्यापार, लेखा और तकनीकी कारीगरी
  • •आपके लिए सलाह: आपके हाथ में बनाने की शक्ति है, उसे रोज़ किसी काम में लगाएँ तो मन अपने आप ठहरता है

यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।

विशेषताएँ

स्वामी ग्रहचंद्र
विंशोत्तरी दशाइस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर चंद्र की 10 वर्ष की महादशा से जीवन आरंभ
देवताSavitar
चिह्नhand / fist
विस्तार160° – 173.33° (सायन-रहित, निरयण)
राशिकन्या
गणदेव
नाड़ीAadi
योनिMahisha
तत्त्वVayu
रज्जुKantha
नक्षत्र शूलदक्षिण दिशा की यात्रा टाली जाती है

चार चरण

हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।

चरण 1

नवांश: मेष

हस्त का पहला चरण: मेष नवांश, साहस और पहल

आपका चंद्रमा हस्त नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण मेष नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी मंगल हैं। इसलिए हाथ के हुनर और सूझ-बूझ वाले आपके हस्त स्वभाव पर मंगल की आग, साहस और पहल करने की जल्दी का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको कर्मठ बनाता है। काम में आप शुरुआत करने वाले हैं, नेतृत्व और जोखिम वाले काम आपको रास आते हैं। धन आप अपने दम पर कमाते हैं, पर जल्दबाज़ी में खर्च भी हो सकता है। रिश्तों में आप सच्चे हैं, बस ग़ुस्से में कही बात बाद में भारी पड़ सकती है। सेहत में सिर, रक्तचाप और चोट का ध्यान रखिए। बड़ा फैसला एक रात रुककर लीजिए। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।

चरण 2

नवांश: वृषभ

हस्त का दूसरा चरण: वृष नवांश, स्थिरता और सुख

आपका चंद्रमा हस्त नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण वृष नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। इसलिए हाथ के हुनर और सूझ-बूझ वाले आपके हस्त स्वभाव पर शुक्र की स्थिरता, धैर्य और सुख-सुविधा की चाह का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको टिकाऊ बनाता है। काम में आप धीरे पर पक्का चलते हैं और जो शुरू करते हैं उसे पूरा करते हैं। धन जोड़ना और संपत्ति बनाना आपको आता है, और अच्छा भोजन व आरामदायक घर आपको सुख देता है। रिश्तों में आप वफ़ादार हैं, पर ज़िद और अधिकार जताना खटक सकता है। सेहत में गला, वज़न और मीठे की अति का ध्यान रखिए। यह संकेत बाक़ी योगों के साथ मिलकर ही अपना पूरा रूप लेता है।

चरण 3

नवांश: मिथुन

हस्त का तीसरा चरण: मिथुन नवांश, बुद्धि और बातचीत

आपका चंद्रमा हस्त नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण मिथुन नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी बुध हैं। इसलिए हाथ के हुनर और सूझ-बूझ वाले आपके हस्त स्वभाव पर बुध की चपलता, बुद्धि और बातचीत का हुनर का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपके दिमाग़ और ज़ुबान को तेज़ करता है। काम में लिखना, बोलना, बेचना, सिखाना या व्यापार आपको रास आता है, और आप एक साथ कई काम सँभाल लेते हैं। धन अक्सर एक से ज़्यादा स्रोत से आता है। रिश्तों में आप दोस्त जैसे साथी हैं, पर आपका ध्यान जल्दी भटक सकता है। सेहत में नसें, कंधे और नींद का ध्यान रखिए। रोज़ के तीन ज़रूरी काम पहले निपटाएँ। इसका फल मिलने की संभावना संबंधित ग्रह की दशा में बढ़ जाती है।

चरण 4

नवांश: कर्क

हस्त का चौथा चरण: कर्क नवांश, ममता और संवेदना

आपका चंद्रमा हस्त नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण कर्क नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी चंद्रमा हैं। इसलिए हाथ के हुनर और सूझ-बूझ वाले आपके हस्त स्वभाव पर चंद्रमा की कोमलता, ममता और घर-परिवार से लगाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको भावुक और पालने वाला बनाता है। काम में सेवा, देखभाल, शिक्षा, खान-पान या जनता से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं। धन आप बचाकर रखते हैं और घर-ज़मीन में लगाना पसंद करते हैं। रिश्तों में आप पूरे मन से जुड़ते हैं, पर छोटी बात पर आहत होकर चुप हो सकते हैं। सेहत में पेट, सीना और मन के उतार-चढ़ाव का ध्यान रखिए। मन भारी हो तो किसी अपने से कह दीजिए। इसकी प्रवृत्ति ग्रहों के बल के अनुसार घटती-बढ़ती देखी जाती है।

चंद्र के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र

अध्याय पढ़िए: नक्षत्र क्या हैं →

Frequently asked questions

हस्त नक्षत्र का स्वामी कौन है?

हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्र हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा हस्त में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में चंद्र की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 10 वर्ष की होती है।

हस्त का गण और नाड़ी क्या है?

हस्त देव गण और Aadi नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।

हस्त नक्षत्र किस राशि में आता है?

हस्त निरयण राशिचक्र के 160° से 173.33° तक फैला है, जो कन्या राशि में पड़ता है।

अपने ऐप में नक्षत्र का डेटा

किसी भी शहर के लिए चंद्रमा कब हस्त में है, या जन्म नक्षत्र उसके चरण और स्वामी सहित, एक ही कॉल में पाइए।

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