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चित्रा नक्षत्र

Chitra · 27 में से 14वाँ नक्षत्र

चित्रा जन्म नक्षत्र: कलाकार की आँख, चमकता व्यक्तित्व, सुंदर रचने की धुन

इस नक्षत्र में जन्म

आपका जन्म नक्षत्र चित्रा है, जिसका अर्थ है 'चमकीला' या 'चित्र जैसा सुंदर'। इसके स्वामी मंगल हैं और देवता विश्वकर्मा, जो देवताओं के शिल्पी हैं। इसका चिह्न चमकता मोती या रत्न है। इसलिए आपमें चीज़ों को सुंदर बनाने की जन्मजात धुन है। आपकी नज़र बनावट, रंग और अनुपात को तुरंत पकड़ लेती है। आपका अपना व्यक्तित्व भी आकर्षक है, और आप जहाँ जाते हैं, अलग दिखते हैं।

काम में आप वास्तुकला, डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, फ़ैशन, आभूषण, फ़ोटोग्राफ़ी, कला, फ़िल्म और किसी भी रचनात्मक-तकनीकी क्षेत्र में चमकते हैं। आप योजना बनाने और उसे ढालने, दोनों में माहिर हैं। धन आप अपनी प्रतिभा से कमाते हैं और अच्छी चीज़ों पर खर्च करते हैं। रिश्तों में आप जोशीले और आकर्षक हैं, पर अहं और बहस की आदत रिश्ते में खटास ला सकती है। सेहत में गुर्दे, कमर, पेट का निचला हिस्सा और चोट पर ध्यान दीजिए।

आपकी परीक्षा है दिखावा और अधीरता। बाहरी चमक के पीछे भागते हुए भीतर की शांति छूट सकती है।

अपनी रचना में समय लगाइए, जल्दबाज़ी आपकी कला की दुश्मन है। भगवान विश्वकर्मा का स्मरण और अपने औज़ारों व कार्यस्थल को साफ़-सुथरा रखना आपके लिए शुभ है। आम तौर पर यह असर दशा-काल में सबसे स्पष्ट देखा जाता है।

  • •नक्षत्र का सार: स्वामी मंगल, देवता विश्वकर्मा, चिह्न चमकता मोती, राशि कन्या और तुला
  • •आपकी शक्तियाँ: कलात्मक नज़र, रचनात्मकता, आकर्षक व्यक्तित्व, साहस और बारीकी से गढ़ने का हुनर
  • •ध्यान रखने योग्य: दिखावा, अहं, बहस की आदत, अधीरता और दूसरों से तुलना
  • •आपके लिए उपयुक्त काम: वास्तुकला, डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, फ़ैशन और आभूषण, फ़ोटोग्राफ़ी, कला और फ़िल्म
  • •आपके लिए सलाह: असली सुंदरता वह है जो काम आए, अपनी कला को लोगों की ज़रूरत से जोड़ें

यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।

विशेषताएँ

स्वामी ग्रहमंगल
विंशोत्तरी दशाइस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर मंगल की 7 वर्ष की महादशा से जीवन आरंभ
देवताTvashtar
चिह्नbright jewel / pearl
विस्तार173.33° – 186.67° (सायन-रहित, निरयण)
राशिकन्या और तुला
गणराक्षस
नाड़ीमध्य
योनिVyaghra
तत्त्वAgni
रज्जुSiro
नक्षत्र शूलपश्चिम दिशा की यात्रा टाली जाती है

चार चरण

हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।

चरण 1

नवांश: सिंह

चित्रा का पहला चरण: सिंह नवांश, स्वाभिमान और नेतृत्व

आपका चंद्रमा चित्रा नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण सिंह नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। इसलिए कलात्मक नज़र और चमक वाले आपके चित्रा स्वभाव पर सूर्य का तेज, स्वाभिमान और आगे रहने की चाह का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको नेतृत्व की ओर ले जाता है। काम में प्रशासन, प्रबंधन, मंच या अपना कारोबार आपको रास आता है, और किसी के अधीन घुटकर रहना कठिन लगता है। धन अच्छा आता है और शान से खर्च भी हो सकता है। रिश्तों में आप उदार और वफ़ादार हैं, बदले में सम्मान चाहते हैं। सेहत में दिल, रीढ़ और रक्तचाप का ध्यान रखिए। दूसरों को श्रेय देना सीखिए, आपका क़द इससे बढ़ता है। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।

चरण 2

नवांश: कन्या

चित्रा का दूसरा चरण: कन्या नवांश, बारीकी और सेवा

आपका चंद्रमा चित्रा नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण कन्या नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी बुध हैं। इसलिए कलात्मक नज़र और चमक वाले आपके चित्रा स्वभाव पर बुध की बारीकी, विश्लेषण और सेवा का भाव का असर साफ़ दिखता है। यह वर्गोत्तम चरण है, यानी आपका चंद्रमा राशि और नवांश दोनों में कन्या में है। इससे चंद्रमा को विशेष बल मिलता है और इस नक्षत्र के गुण आपमें ज़्यादा साफ़ और स्थिर रूप में दिख सकते हैं।

यह चरण आपको व्यवस्थित और मेहनती बनाता है। काम में हिसाब-किताब, चिकित्सा, शोध, संपादन और तकनीकी काम आपको रास आते हैं, और लोग आँख मूँदकर आप पर भरोसा कर सकते हैं। धन आप सोच-समझकर खर्च करते हैं। रिश्तों में आप ज़िम्मेदार हैं, पर साथी की कमियाँ गिनाने की आदत दूरी ला सकती है। सेहत में पेट, आँतें और चिंता का ध्यान रखिए। अस्सी प्रतिशत ठीक काम को पूरा मानना सीखिए। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।

चरण 3

नवांश: तुला

चित्रा का तीसरा चरण: तुला नवांश, संतुलन और रिश्ते

आपका चंद्रमा चित्रा नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण तुला नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। इसलिए कलात्मक नज़र और चमक वाले आपके चित्रा स्वभाव पर शुक्र का संतुलन, शिष्टता और रिश्तों की समझ का असर साफ़ दिखता है। यह वर्गोत्तम चरण है, यानी आपका चंद्रमा राशि और नवांश दोनों में तुला में है। इससे चंद्रमा को विशेष बल मिलता है और इस नक्षत्र के गुण आपमें ज़्यादा साफ़ और स्थिर रूप में दिख सकते हैं।

यह चरण आपको मिलनसार और न्यायप्रिय बनाता है। काम में साझेदारी, सलाहकारी, क़ानून, कला और लोगों के बीच रहने वाले काम आपको रास आते हैं। धन अक्सर साझेदार या जीवनसाथी के सहयोग से बढ़ता है, और सुंदर चीज़ों पर खर्च हो सकता है। रिश्ते आपके जीवन का केंद्र हैं, पर सबको ख़ुश रखने में आप अपनी बात दबा सकते हैं। सेहत में गुर्दे, कमर और त्वचा का ध्यान रखिए। छोटे फैसलों के लिए ख़ुद को समय-सीमा दीजिए। इसकी प्रवृत्ति ग्रहों के बल के अनुसार घटती-बढ़ती देखी जाती है।

चरण 4

नवांश: वृश्चिक

चित्रा का चौथा चरण: वृश्चिक नवांश, गहराई और इच्छाशक्ति

आपका चंद्रमा चित्रा नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण वृश्चिक नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी मंगल हैं। इसलिए कलात्मक नज़र और चमक वाले आपके चित्रा स्वभाव पर मंगल की गहराई, तीव्र भावनाएँ और अटूट इच्छाशक्ति का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको गंभीर और भीतर से मज़बूत बनाता है। काम में शोध, जाँच, इलाज, बीमा और संकट सँभालने वाले क्षेत्र आपको रास आते हैं, जहाँ दूसरे घबराते हैं वहाँ आप टिकते हैं। धन आप चुपचाप जोड़ते हैं, और साझे धन या विरासत से लाभ हो सकता है। रिश्तों में आप बेहद वफ़ादार हैं, पर शक और जलन रिश्ते को झुलसा सकती है। सेहत में मूत्र-तंत्र और दबे तनाव का ध्यान रखिए। जो मन में है उसे किसी भरोसेमंद से कह दीजिए। इसकी प्रवृत्ति ग्रहों के बल के अनुसार घटती-बढ़ती देखी जाती है।

मंगल के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र

अध्याय पढ़िए: नक्षत्र क्या हैं →

Frequently asked questions

चित्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा चित्रा में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में मंगल की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 7 वर्ष की होती है।

चित्रा का गण और नाड़ी क्या है?

चित्रा राक्षस गण और मध्य नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।

चित्रा नक्षत्र किस राशि में आता है?

चित्रा निरयण राशिचक्र के 173.33° से 186.67° तक फैला है, जो कन्या और तुला राशि में पड़ता है।

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किसी भी शहर के लिए चंद्रमा कब चित्रा में है, या जन्म नक्षत्र उसके चरण और स्वामी सहित, एक ही कॉल में पाइए।

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