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पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र

Purva Bhadrapada · 27 में से 25वाँ नक्षत्र

पूर्वाभाद्रपद जन्म नक्षत्र: आग जैसा जुनून, ऊँचे आदर्श, बदलने की शक्ति

इस नक्षत्र में जन्म

आपका जन्म नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद है। इसके स्वामी गुरु हैं और देवता अज एकपाद, जो रुद्र का एक रूप हैं। इसका चिह्न दो मुँह वाला व्यक्ति या अर्थी के अगले पाये हैं, यानी गहरा रूपांतरण। इसलिए आपके भीतर आग जैसा जुनून है। आप जिस विचार को अपना लेते हैं, उसके लिए सब कुछ झोंक देते हैं। आप आदर्शवादी, विद्वान, गंभीर और अपनी धुन के पक्के हैं। आपके दो रूप हैं, एक दुनिया को दिखता है, दूसरा सिर्फ़ आप जानते हैं।

काम में आप दर्शन, अध्यात्म, शोध, शिक्षण, लेखन, ज्योतिष, समाज सुधार, वित्त और ऐसे कामों में अच्छा करते हैं जहाँ कुछ बदलना हो। आप अच्छे वक्ता और विचारक हैं। धन आता है, पर आप उस पर ज़्यादा टिकते नहीं। रिश्तों में आप गहरे हैं, पर मिज़ाज की तीव्रता, चिंता और अपनी बात पर अड़ना अपनों के लिए कठिन हो सकता है। सेहत में टखने, पैर, जिगर और तनाव से उपजी तकलीफ़ पर ध्यान दीजिए।

आपकी परीक्षा है अति और निराशा। दुनिया आपके आदर्शों जैसी नहीं होती, और यह बात आपको भीतर से कड़वा कर सकती है।

अपने जुनून को किसी रचनात्मक या सेवा के काम में ढालें। भगवान शिव का स्मरण, ध्यान और गुरुवार को ज्ञान का दान आपके लिए शुभ है। इसका संकेत दशा और गोचर के साथ बदलता रहता है।

  • •नक्षत्र का सार: स्वामी गुरु, देवता अज एकपाद, चिह्न दो मुँह वाला व्यक्ति, राशि कुंभ और मीन
  • •आपकी शक्तियाँ: जुनून, ऊँचे आदर्श, विद्वत्ता, बोलने की शक्ति और हालात को बदल देने का दम
  • •ध्यान रखने योग्य: मिज़ाज की तीव्रता, चिंता, निराशा, अपनी बात पर अड़ना और दोहरा जीवन
  • •आपके लिए उपयुक्त काम: दर्शन, अध्यात्म, शोध, शिक्षण, लेखन, ज्योतिष, समाज सुधार और वित्त
  • •आपके लिए सलाह: आग रोशनी के लिए है, अपने जुनून से पहले अपना ही घर रोशन कीजिए

यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।

विशेषताएँ

स्वामी ग्रहगुरु
विंशोत्तरी दशाइस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर गुरु की 16 वर्ष की महादशा से जीवन आरंभ
देवताAja Ekapada
चिह्नfront of funeral cot
विस्तार320° – 333.33° (सायन-रहित, निरयण)
राशिकुम्भ और मीन
गणमनुष्य
नाड़ीAadi
योनिSimha
तत्त्वJal
रज्जुKantha
नक्षत्र शूलपश्चिम दिशा की यात्रा टाली जाती है

चार चरण

हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।

चरण 1

नवांश: मेष

पूर्वाभाद्रपद का पहला चरण: मेष नवांश, साहस और पहल

आपका चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण मेष नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी मंगल हैं। इसलिए जुनून और ऊँचे आदर्शों वाले आपके पूर्वाभाद्रपद स्वभाव पर मंगल की आग, साहस और पहल करने की जल्दी का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको कर्मठ बनाता है। काम में आप शुरुआत करने वाले हैं, नेतृत्व और जोखिम वाले काम आपको रास आते हैं। धन आप अपने दम पर कमाते हैं, पर जल्दबाज़ी में खर्च भी हो सकता है। रिश्तों में आप सच्चे हैं, बस ग़ुस्से में कही बात बाद में भारी पड़ सकती है। सेहत में सिर, रक्तचाप और चोट का ध्यान रखिए। बड़ा फैसला एक रात रुककर लीजिए। इसका संकेत दशा और गोचर के साथ बदलता रहता है।

चरण 2

नवांश: वृषभ

पूर्वाभाद्रपद का दूसरा चरण: वृष नवांश, स्थिरता और सुख

आपका चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण वृष नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। इसलिए जुनून और ऊँचे आदर्शों वाले आपके पूर्वाभाद्रपद स्वभाव पर शुक्र की स्थिरता, धैर्य और सुख-सुविधा की चाह का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको टिकाऊ बनाता है। काम में आप धीरे पर पक्का चलते हैं और जो शुरू करते हैं उसे पूरा करते हैं। धन जोड़ना और संपत्ति बनाना आपको आता है, और अच्छा भोजन व आरामदायक घर आपको सुख देता है। रिश्तों में आप वफ़ादार हैं, पर ज़िद और अधिकार जताना खटक सकता है। सेहत में गला, वज़न और मीठे की अति का ध्यान रखिए। यह संकेत बाक़ी योगों के साथ मिलकर ही अपना पूरा रूप लेता है।

चरण 3

नवांश: मिथुन

पूर्वाभाद्रपद का तीसरा चरण: मिथुन नवांश, बुद्धि और बातचीत

आपका चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण मिथुन नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी बुध हैं। इसलिए जुनून और ऊँचे आदर्शों वाले आपके पूर्वाभाद्रपद स्वभाव पर बुध की चपलता, बुद्धि और बातचीत का हुनर का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपके दिमाग़ और ज़ुबान को तेज़ करता है। काम में लिखना, बोलना, बेचना, सिखाना या व्यापार आपको रास आता है, और आप एक साथ कई काम सँभाल लेते हैं। धन अक्सर एक से ज़्यादा स्रोत से आता है। रिश्तों में आप दोस्त जैसे साथी हैं, पर आपका ध्यान जल्दी भटक सकता है। सेहत में नसें, कंधे और नींद का ध्यान रखिए। रोज़ के तीन ज़रूरी काम पहले निपटाएँ। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।

चरण 4

नवांश: कर्क

पूर्वाभाद्रपद का चौथा चरण: कर्क नवांश, ममता और संवेदना

आपका चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण कर्क नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी चंद्रमा हैं। इसलिए जुनून और ऊँचे आदर्शों वाले आपके पूर्वाभाद्रपद स्वभाव पर चंद्रमा की कोमलता, ममता और घर-परिवार से लगाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको भावुक और पालने वाला बनाता है। काम में सेवा, देखभाल, शिक्षा, खान-पान या जनता से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं। धन आप बचाकर रखते हैं और घर-ज़मीन में लगाना पसंद करते हैं। रिश्तों में आप पूरे मन से जुड़ते हैं, पर छोटी बात पर आहत होकर चुप हो सकते हैं। सेहत में पेट, सीना और मन के उतार-चढ़ाव का ध्यान रखिए। मन भारी हो तो किसी अपने से कह दीजिए। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।

गुरु के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र

अध्याय पढ़िए: नक्षत्र क्या हैं →

Frequently asked questions

पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा पूर्वाभाद्रपदा में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में गुरु की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 16 वर्ष की होती है।

पूर्वाभाद्रपदा का गण और नाड़ी क्या है?

पूर्वाभाद्रपदा मनुष्य गण और Aadi नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।

पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र किस राशि में आता है?

पूर्वाभाद्रपदा निरयण राशिचक्र के 320° से 333.33° तक फैला है, जो कुम्भ और मीन राशि में पड़ता है।

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किसी भी शहर के लिए चंद्रमा कब पूर्वाभाद्रपदा में है, या जन्म नक्षत्र उसके चरण और स्वामी सहित, एक ही कॉल में पाइए।

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