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शतभिषा नक्षत्र

Shatabhisha · 27 में से 24वाँ नक्षत्र

शतभिषा जन्म नक्षत्र: सौ वैद्यों की शक्ति, एकांतप्रिय मन, रहस्य की खोज

इस नक्षत्र में जन्म

आपका जन्म नक्षत्र शतभिषा है, जिसका अर्थ है 'सौ वैद्य' या 'सौ तारे'। इसके स्वामी राहु हैं और देवता वरुण, जो जल, आकाश और सत्य के नियम के देवता हैं। इसका चिह्न ख़ाली घेरा है। इसलिए आपके भीतर ठीक करने की शक्ति और रहस्यों को खोलने की धुन है। आप स्वतंत्र, एकांतप्रिय, सच के पक्के और अपनी ही दुनिया में रहने वाले हैं। आप कम बोलते हैं, पर जो सोचते हैं, बहुत गहरा सोचते हैं।

काम में आप चिकित्सा, दवा, शोध, विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष, ज्योतिष, मनोविज्ञान, वैकल्पिक उपचार और जाँच-पड़ताल में बहुत अच्छा करते हैं। आपको अकेले, बिना दख़ल के काम करना भाता है। धन में उतार-चढ़ाव रह सकता है। रिश्तों में आप ईमानदार हैं, पर अपना मन न खोलना और अचानक दूरी बना लेना साथी को उलझा सकता है। सेहत में टखने, पिंडलियाँ, रक्त-संचार, जोड़ और ऐसी तकलीफ़ जो जल्दी पकड़ में न आए, इन पर ध्यान दें।

आपकी परीक्षा है अकेलापन और ज़िद। आप अपने घेरे में इतने बंद हो सकते हैं कि मदद का हाथ भी भीतर न आ पाए।

कुछ चुने हुए लोगों के लिए अपना घेरा खोलिए। भगवान शिव का स्मरण, 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और किसी बीमार की दवा का खर्च उठाना आपके लिए बहुत शुभ है। इसकी प्रवृत्ति ग्रहों के बल के अनुसार घटती-बढ़ती देखी जाती है।

  • •नक्षत्र का सार: स्वामी राहु, देवता वरुण, चिह्न ख़ाली घेरा, राशि कुंभ
  • •आपकी शक्तियाँ: ठीक करने की क्षमता, गहरी सोच, स्वतंत्रता, सच्चाई और रहस्यों को सुलझाने की धुन
  • •ध्यान रखने योग्य: अकेलापन, ज़िद, मन की बात छिपाना, अचानक दूरी बना लेना और उदासी
  • •आपके लिए उपयुक्त काम: चिकित्सा और दवा, शोध, विज्ञान, तकनीक, ज्योतिष, मनोविज्ञान और वैकल्पिक उपचार
  • •आपके लिए सलाह: आप दूसरों को ठीक करते हैं, ख़ुद के ज़ख़्म भी किसी को दिखाना सीखिए

यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।

विशेषताएँ

स्वामी ग्रहराहु
विंशोत्तरी दशाइस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर राहु की 18 वर्ष की महादशा से जीवन आरंभ
देवताVaruna
चिह्नempty circle
विस्तार306.67° – 320° (सायन-रहित, निरयण)
राशिकुम्भ
गणराक्षस
नाड़ीAadi
योनिAshva
तत्त्वPrithvi
रज्जुSiro
नक्षत्र शूलदक्षिण दिशा की यात्रा टाली जाती है

चार चरण

हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।

चरण 1

नवांश: धनु

शतभिषा का पहला चरण: धनु नवांश, आशावाद और ज्ञान

आपका चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण धनु नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी गुरु हैं। इसलिए ठीक करने की शक्ति और एकांत-प्रेम वाले आपके शतभिषा स्वभाव पर गुरु का आशावाद, ज्ञान की प्यास और धर्म-भाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको ऊँचा सोचने वाला बनाता है। काम में शिक्षण, सलाह, क़ानून, धर्म, प्रकाशन और विदेश से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं। धन के मामले में भाग्य अक्सर साथ देता है, पर खुले हाथ का खर्च और जोखिम भी हो सकता है। रिश्तों में आप ईमानदार और हँसमुख साथी हैं, पर बंधन का अहसास बेचैन कर सकता है। सेहत में जाँघ, जिगर और वज़न का ध्यान रखिए। सच को थोड़ी नरमी के साथ कहिए। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।

चरण 2

नवांश: मकर

शतभिषा का दूसरा चरण: मकर नवांश, अनुशासन और मेहनत

आपका चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण मकर नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शनि हैं। इसलिए ठीक करने की शक्ति और एकांत-प्रेम वाले आपके शतभिषा स्वभाव पर शनि का अनुशासन, ज़िम्मेदारी और लंबी मेहनत का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको गंभीर और व्यावहारिक बनाता है। काम आपके जीवन का केंद्र है, प्रशासन, प्रबंधन, निर्माण और बड़े संगठनों में आप एक-एक सीढ़ी चढ़ते हैं, और सफलता उम्र के साथ बढ़ती है। धन आप किफ़ायत से जोड़ते हैं। रिश्तों में आप निभाने वाले हैं, पर प्यार जताने में कंजूसी अपनों को दूर कर सकती है। सेहत में घुटने, हड्डियाँ और उदासी का ध्यान रखिए। आराम को भी अपनी सूची का एक ज़रूरी काम मानिए। यह संकेत बाक़ी योगों के साथ मिलकर ही अपना पूरा रूप लेता है।

चरण 3

नवांश: कुम्भ

शतभिषा का तीसरा चरण: कुंभ नवांश, अलग सोच और समाज-भाव

आपका चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण कुंभ नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शनि हैं। इसलिए ठीक करने की शक्ति और एकांत-प्रेम वाले आपके शतभिषा स्वभाव पर शनि की अलग सोच, मित्रता और समाज के लिए कुछ करने की चाह का असर साफ़ दिखता है। यह वर्गोत्तम चरण है, यानी आपका चंद्रमा राशि और नवांश दोनों में कुंभ में है। इससे चंद्रमा को विशेष बल मिलता है और इस नक्षत्र के गुण आपमें ज़्यादा साफ़ और स्थिर रूप में दिख सकते हैं।

यह चरण आपको भीड़ से अलग सोचने वाला बनाता है। काम में तकनीक, विज्ञान, शोध, समाज सेवा और बड़े समूहों से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं, और आपको आज़ादी चाहिए। धन अक्सर मित्रों और संपर्कों से आता है। रिश्तों में आप वफ़ादार दोस्त हैं, पर भावनाओं के बहुत पास आने पर पीछे हट सकते हैं। सेहत में टखने, रक्त-संचार और नींद का ध्यान रखिए। अपनों से रोज़ एक बात दिल की भी कीजिए। आम तौर पर यह असर दशा-काल में सबसे स्पष्ट देखा जाता है।

चरण 4

नवांश: मीन

शतभिषा का चौथा चरण: मीन नवांश, करुणा और अध्यात्म

आपका चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण मीन नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी गुरु हैं। इसलिए ठीक करने की शक्ति और एकांत-प्रेम वाले आपके शतभिषा स्वभाव पर गुरु की करुणा, कल्पना और आध्यात्मिक झुकाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको कोमल और भीतर की ओर देखने वाला बनाता है। काम में कला, इलाज, सेवा, अध्यात्म और विदेश या जल से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं। धन के मामले में आप उदार हैं, पर हिसाब में ढील नुक़सान करा सकती है। रिश्तों में आप समर्पित और क्षमाशील हैं, बस लोग आपकी नरमी का फ़ायदा उठा सकते हैं। सेहत में पैर, नींद और नशे से दूरी का ध्यान रखिए। पैसे और समय का लिखित हिसाब रखिए। इसका संकेत दशा और गोचर के साथ बदलता रहता है।

राहु के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र

अध्याय पढ़िए: नक्षत्र क्या हैं →

Frequently asked questions

शतभिषा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा शतभिषा में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में राहु की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 18 वर्ष की होती है।

शतभिषा का गण और नाड़ी क्या है?

शतभिषा राक्षस गण और Aadi नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।

शतभिषा नक्षत्र किस राशि में आता है?

शतभिषा निरयण राशिचक्र के 306.67° से 320° तक फैला है, जो कुम्भ राशि में पड़ता है।

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किसी भी शहर के लिए चंद्रमा कब शतभिषा में है, या जन्म नक्षत्र उसके चरण और स्वामी सहित, एक ही कॉल में पाइए।

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