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कृत्तिका नक्षत्र

Krittika · 27 में से 3वाँ नक्षत्र

कृत्तिका जन्म नक्षत्र: तेज़ धार, सच्ची ज़ुबान और शुद्ध करने की आग

इस नक्षत्र में जन्म

आपका जन्म नक्षत्र कृत्तिका है। इसके स्वामी सूर्य हैं और देवता अग्नि। इसका चिह्न उस्तरा या लौ है, यानी वह जो काटता और शुद्ध करता है। इसलिए आपके स्वभाव में एक तेज़ धार है। आप खरी बात कहते हैं, ढोंग बर्दाश्त नहीं करते, और जो काम हाथ में लेते हैं उसमें कमी नहीं छोड़ते। बाहर से आप कड़े दिख सकते हैं, पर भीतर एक माँ जैसा पालने वाला दिल है।

काम में आप नेतृत्व, सेना, प्रशासन, इंजीनियरिंग, धातु और आग से जुड़े काम, रसोई और आलोचना या संपादन जैसे क्षेत्रों में अच्छा करते हैं। आपकी मेहनत और अनुशासन आपको ऊँचा पद दिला सकता है। धन आप अपने बल पर कमाते हैं। रिश्तों में आप रक्षा करने वाले हैं, पर आपकी तीखी ज़ुबान अपनों को चोट दे सकती है। सेहत में पेट की गर्मी, बुखार, आँख और गर्दन पर ध्यान दीजिए।

आपकी परीक्षा है आलोचना की आदत। ग़लती आपको तुरंत दिखती है, और उसे कहे बिना आप रह नहीं पाते।

सच कहिए, पर पहले एक अच्छी बात भी कहिए। अपनी आग को खाना पकाने, कुछ बनाने या किसी को सिखाने में लगाइए। सूर्य को जल और भगवान कार्तिकेय का स्मरण आपके लिए शुभ है। इसकी प्रवृत्ति ग्रहों के बल के अनुसार घटती-बढ़ती देखी जाती है।

  • •नक्षत्र का सार: स्वामी सूर्य, देवता अग्नि, चिह्न उस्तरा या लौ, राशि मेष और वृष
  • •आपकी शक्तियाँ: साफ़गोई, अनुशासन, साहस, तेज़ बुद्धि और अपनों को पालने-सँभालने का भाव
  • •ध्यान रखने योग्य: तीखी ज़ुबान, ग़ुस्सा, ज़रूरत से ज़्यादा आलोचना और शरीर की गर्मी
  • •आपके लिए उपयुक्त काम: प्रशासन, सेना, इंजीनियरिंग, धातु और अग्नि से जुड़े काम, पाक-कला और संपादन
  • •आपके लिए सलाह: आपकी आग रोशनी भी दे सकती है और जला भी सकती है, चुनाव आपके हाथ में है

यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।

विशेषताएँ

स्वामी ग्रहसूर्य
विंशोत्तरी दशाइस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर सूर्य की 6 वर्ष की महादशा से जीवन आरंभ
देवताAgni
चिह्नrazor / flame
विस्तार26.67° – 40° (सायन-रहित, निरयण)
राशिमेष और वृषभ
गणराक्षस
नाड़ीअंत्य
योनिMesha
तत्त्वJal
रज्जुNabhi
नक्षत्र शूलपश्चिम दिशा की यात्रा टाली जाती है

चार चरण

हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।

चरण 1

नवांश: धनु

कृत्तिका का पहला चरण: धनु नवांश, आशावाद और ज्ञान

आपका चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण धनु नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी गुरु हैं। इसलिए तेज़ धार और साफ़गोई वाले आपके कृत्तिका स्वभाव पर गुरु का आशावाद, ज्ञान की प्यास और धर्म-भाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको ऊँचा सोचने वाला बनाता है। काम में शिक्षण, सलाह, क़ानून, धर्म, प्रकाशन और विदेश से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं। धन के मामले में भाग्य अक्सर साथ देता है, पर खुले हाथ का खर्च और जोखिम भी हो सकता है। रिश्तों में आप ईमानदार और हँसमुख साथी हैं, पर बंधन का अहसास बेचैन कर सकता है। सेहत में जाँघ, जिगर और वज़न का ध्यान रखिए। सच को थोड़ी नरमी के साथ कहिए। इसका संकेत दशा और गोचर के साथ बदलता रहता है।

चरण 2

नवांश: मकर

कृत्तिका का दूसरा चरण: मकर नवांश, अनुशासन और मेहनत

आपका चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण मकर नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शनि हैं। इसलिए तेज़ धार और साफ़गोई वाले आपके कृत्तिका स्वभाव पर शनि का अनुशासन, ज़िम्मेदारी और लंबी मेहनत का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको गंभीर और व्यावहारिक बनाता है। काम आपके जीवन का केंद्र है, प्रशासन, प्रबंधन, निर्माण और बड़े संगठनों में आप एक-एक सीढ़ी चढ़ते हैं, और सफलता उम्र के साथ बढ़ती है। धन आप किफ़ायत से जोड़ते हैं। रिश्तों में आप निभाने वाले हैं, पर प्यार जताने में कंजूसी अपनों को दूर कर सकती है। सेहत में घुटने, हड्डियाँ और उदासी का ध्यान रखिए। आराम को भी अपनी सूची का एक ज़रूरी काम मानिए। आम तौर पर यह असर दशा-काल में सबसे स्पष्ट देखा जाता है।

चरण 3

नवांश: कुम्भ

कृत्तिका का तीसरा चरण: कुंभ नवांश, अलग सोच और समाज-भाव

आपका चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण कुंभ नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शनि हैं। इसलिए तेज़ धार और साफ़गोई वाले आपके कृत्तिका स्वभाव पर शनि की अलग सोच, मित्रता और समाज के लिए कुछ करने की चाह का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको भीड़ से अलग सोचने वाला बनाता है। काम में तकनीक, विज्ञान, शोध, समाज सेवा और बड़े समूहों से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं, और आपको आज़ादी चाहिए। धन अक्सर मित्रों और संपर्कों से आता है। रिश्तों में आप वफ़ादार दोस्त हैं, पर भावनाओं के बहुत पास आने पर पीछे हट सकते हैं। सेहत में टखने, रक्त-संचार और नींद का ध्यान रखिए। अपनों से रोज़ एक बात दिल की भी कीजिए। आम तौर पर यही प्रवृत्ति जीवन के उस क्षेत्र में पहले दिखाई देती है।

चरण 4

नवांश: मीन

कृत्तिका का चौथा चरण: मीन नवांश, करुणा और अध्यात्म

आपका चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण मीन नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी गुरु हैं। इसलिए तेज़ धार और साफ़गोई वाले आपके कृत्तिका स्वभाव पर गुरु की करुणा, कल्पना और आध्यात्मिक झुकाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको कोमल और भीतर की ओर देखने वाला बनाता है। काम में कला, इलाज, सेवा, अध्यात्म और विदेश या जल से जुड़े क्षेत्र आपको रास आते हैं। धन के मामले में आप उदार हैं, पर हिसाब में ढील नुक़सान करा सकती है। रिश्तों में आप समर्पित और क्षमाशील हैं, बस लोग आपकी नरमी का फ़ायदा उठा सकते हैं। सेहत में पैर, नींद और नशे से दूरी का ध्यान रखिए। पैसे और समय का लिखित हिसाब रखिए। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।

सूर्य के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र

अध्याय पढ़िए: नक्षत्र क्या हैं →

Frequently asked questions

कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी कौन है?

कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा कृत्तिका में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में सूर्य की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 6 वर्ष की होती है।

कृत्तिका का गण और नाड़ी क्या है?

कृत्तिका राक्षस गण और अंत्य नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।

कृत्तिका नक्षत्र किस राशि में आता है?

कृत्तिका निरयण राशिचक्र के 26.67° से 40° तक फैला है, जो मेष और वृषभ राशि में पड़ता है।

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किसी भी शहर के लिए चंद्रमा कब कृत्तिका में है, या जन्म नक्षत्र उसके चरण और स्वामी सहित, एक ही कॉल में पाइए।

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