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पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र

Purva Phalguni · 27 में से 11वाँ नक्षत्र

पूर्वाफाल्गुनी जन्म नक्षत्र: आनंद, प्रेम, कला और जीवन का भरपूर रस

इस नक्षत्र में जन्म

आपका जन्म नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है। इसके स्वामी शुक्र हैं और देवता भग, जो सुख, सौभाग्य और दांपत्य के देवता हैं। इसका चिह्न पलंग या झूला है, यानी विश्राम और आनंद। इसलिए आपका स्वभाव जीवन का रस लेने वाला है। आप मिलनसार, आकर्षक, कलाप्रेमी और दिल के उदार हैं। जहाँ आप होते हैं, वहाँ महफ़िल जम जाती है, और लोगों को आपके साथ अच्छा लगता है।

काम में आप कला, संगीत, अभिनय, मनोरंजन, फ़ैशन, सौंदर्य, होटल, विवाह से जुड़े व्यवसाय और जनसंपर्क में अच्छा करते हैं। आपको वह काम रास आता है जिसमें रचनात्मकता और लोगों से मेल-जोल हो। धन आता है और सुख-सुविधा पर खुलकर खर्च भी होता है। रिश्ते और प्रेम आपके जीवन के केंद्र में हैं, पर आराम-तलबी और अपनी तारीफ़ की चाह साथी को खल सकती है। सेहत में दिल, पीठ, रीढ़ और आलस से बढ़ते वज़न पर ध्यान दीजिए।

आपकी परीक्षा है आलस और भोग। सुख इतना प्यारा लग सकता है कि मेहनत टलती जाए।

आनंद के साथ अनुशासन जोड़िए, रोज़ का एक तय समय काम और रियाज़ के लिए रखिए। माँ लक्ष्मी का स्मरण और शुक्रवार को किसी कलाकार या ज़रूरतमंद की मदद आपके लिए शुभ है। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।

  • •नक्षत्र का सार: स्वामी शुक्र, देवता भग, चिह्न पलंग या झूला, राशि सिंह
  • •आपकी शक्तियाँ: आकर्षण, उदारता, रचनात्मकता, मिलनसार स्वभाव और दूसरों को ख़ुश रखने का हुनर
  • •ध्यान रखने योग्य: आलस, भोग-विलास की अति, दिखावा, तारीफ़ की भूख और फ़िज़ूलखर्ची
  • •आपके लिए उपयुक्त काम: संगीत, अभिनय, मनोरंजन, फ़ैशन, सौंदर्य, होटल और विवाह से जुड़े व्यवसाय
  • •आपके लिए सलाह: आपको ख़ुशी बाँटने का वरदान मिला है, उसे किसी हुनर में ढाल लें तो वही आपकी रोज़ी बन जाएगा

यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।

विशेषताएँ

स्वामी ग्रहशुक्र
विंशोत्तरी दशाइस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर शुक्र की 20 वर्ष की महादशा से जीवन आरंभ
देवताBhaga
चिह्नfront legs of bed
विस्तार133.33° – 146.67° (सायन-रहित, निरयण)
राशिसिंह
गणमनुष्य
नाड़ीमध्य
योनिMushaka
तत्त्वPrithvi
रज्जुKati
नक्षत्र शूलउत्तर दिशा की यात्रा टाली जाती है

चार चरण

हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।

चरण 1

नवांश: सिंह

पूर्वाफाल्गुनी का पहला चरण: सिंह नवांश, स्वाभिमान और नेतृत्व

आपका चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण सिंह नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। इसलिए आनंद और कला-प्रेम वाले आपके पूर्वाफाल्गुनी स्वभाव पर सूर्य का तेज, स्वाभिमान और आगे रहने की चाह का असर साफ़ दिखता है। यह वर्गोत्तम चरण है, यानी आपका चंद्रमा राशि और नवांश दोनों में सिंह में है। इससे चंद्रमा को विशेष बल मिलता है और इस नक्षत्र के गुण आपमें ज़्यादा साफ़ और स्थिर रूप में दिख सकते हैं।

यह चरण आपको नेतृत्व की ओर ले जाता है। काम में प्रशासन, प्रबंधन, मंच या अपना कारोबार आपको रास आता है, और किसी के अधीन घुटकर रहना कठिन लगता है। धन अच्छा आता है और शान से खर्च भी हो सकता है। रिश्तों में आप उदार और वफ़ादार हैं, बदले में सम्मान चाहते हैं। सेहत में दिल, रीढ़ और रक्तचाप का ध्यान रखिए। दूसरों को श्रेय देना सीखिए, आपका क़द इससे बढ़ता है। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।

चरण 2

नवांश: कन्या

पूर्वाफाल्गुनी का दूसरा चरण: कन्या नवांश, बारीकी और सेवा

आपका चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण कन्या नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी बुध हैं। इसलिए आनंद और कला-प्रेम वाले आपके पूर्वाफाल्गुनी स्वभाव पर बुध की बारीकी, विश्लेषण और सेवा का भाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको व्यवस्थित और मेहनती बनाता है। काम में हिसाब-किताब, चिकित्सा, शोध, संपादन और तकनीकी काम आपको रास आते हैं, और लोग आँख मूँदकर आप पर भरोसा कर सकते हैं। धन आप सोच-समझकर खर्च करते हैं। रिश्तों में आप ज़िम्मेदार हैं, पर साथी की कमियाँ गिनाने की आदत दूरी ला सकती है। सेहत में पेट, आँतें और चिंता का ध्यान रखिए। अस्सी प्रतिशत ठीक काम को पूरा मानना सीखिए। इसकी प्रवृत्ति ग्रहों के बल के अनुसार घटती-बढ़ती देखी जाती है।

चरण 3

नवांश: तुला

पूर्वाफाल्गुनी का तीसरा चरण: तुला नवांश, संतुलन और रिश्ते

आपका चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण तुला नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। इसलिए आनंद और कला-प्रेम वाले आपके पूर्वाफाल्गुनी स्वभाव पर शुक्र का संतुलन, शिष्टता और रिश्तों की समझ का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको मिलनसार और न्यायप्रिय बनाता है। काम में साझेदारी, सलाहकारी, क़ानून, कला और लोगों के बीच रहने वाले काम आपको रास आते हैं। धन अक्सर साझेदार या जीवनसाथी के सहयोग से बढ़ता है, और सुंदर चीज़ों पर खर्च हो सकता है। रिश्ते आपके जीवन का केंद्र हैं, पर सबको ख़ुश रखने में आप अपनी बात दबा सकते हैं। सेहत में गुर्दे, कमर और त्वचा का ध्यान रखिए। छोटे फैसलों के लिए ख़ुद को समय-सीमा दीजिए। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।

चरण 4

नवांश: वृश्चिक

पूर्वाफाल्गुनी का चौथा चरण: वृश्चिक नवांश, गहराई और इच्छाशक्ति

आपका चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण वृश्चिक नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी मंगल हैं। इसलिए आनंद और कला-प्रेम वाले आपके पूर्वाफाल्गुनी स्वभाव पर मंगल की गहराई, तीव्र भावनाएँ और अटूट इच्छाशक्ति का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको गंभीर और भीतर से मज़बूत बनाता है। काम में शोध, जाँच, इलाज, बीमा और संकट सँभालने वाले क्षेत्र आपको रास आते हैं, जहाँ दूसरे घबराते हैं वहाँ आप टिकते हैं। धन आप चुपचाप जोड़ते हैं, और साझे धन या विरासत से लाभ हो सकता है। रिश्तों में आप बेहद वफ़ादार हैं, पर शक और जलन रिश्ते को झुलसा सकती है। सेहत में मूत्र-तंत्र और दबे तनाव का ध्यान रखिए। जो मन में है उसे किसी भरोसेमंद से कह दीजिए। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।

शुक्र के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र

अध्याय पढ़िए: नक्षत्र क्या हैं →

Frequently asked questions

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में शुक्र की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 20 वर्ष की होती है।

पूर्वाफाल्गुनी का गण और नाड़ी क्या है?

पूर्वाफाल्गुनी मनुष्य गण और मध्य नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र किस राशि में आता है?

पूर्वाफाल्गुनी निरयण राशिचक्र के 133.33° से 146.67° तक फैला है, जो सिंह राशि में पड़ता है।

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किसी भी शहर के लिए चंद्रमा कब पूर्वाफाल्गुनी में है, या जन्म नक्षत्र उसके चरण और स्वामी सहित, एक ही कॉल में पाइए।

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