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अनुराधा नक्षत्र

Anuradha · 27 में से 17वाँ नक्षत्र

अनुराधा जन्म नक्षत्र: सच्ची मित्रता, भक्ति भाव और दूर देश में सफलता

इस नक्षत्र में जन्म

आपका जन्म नक्षत्र अनुराधा है। इसके स्वामी शनि हैं और देवता मित्र, जो मित्रता और सहयोग के देवता हैं। इसका चिह्न कमल का फूल है, जो कीचड़ में भी खिलता है। इसलिए आपमें कठिन हालात में भी खिले रहने की ताक़त है। आप सच्चे मित्र हैं, लोगों को जोड़ना आपको आता है, और आपके भीतर भक्ति का गहरा भाव है। बचपन या शुरुआती जीवन में संघर्ष रहा हो सकता है, पर उसी ने आपको मज़बूत बनाया है।

काम में आप संगठन चलाने, प्रबंधन, समाज सेवा, विदेश से जुड़े काम, यात्रा, गणित, ज्योतिष, संगीत और शोध में अच्छा करते हैं। जन्मस्थान से दूर जाकर आपको अक्सर ज़्यादा सफलता मिलती है। धन मेहनत और अनुशासन से आता है। रिश्तों में आप बेहद वफ़ादार और समर्पित हैं, पर भीतर की जलन और अपनी भावना न कह पाना आपको अकेला कर सकता है। सेहत में पेट, पाचन, गला और मन की उदासी पर ध्यान दीजिए।

आपकी परीक्षा है भावनाओं को भीतर दबाए रखना। आप सबकी सुनते हैं, पर अपनी कहने में हिचकते हैं।

अपने मन की बात किसी एक भरोसेमंद मित्र से ज़रूर कहिए। भगवान विष्णु या राधा-कृष्ण की भक्ति और शनिवार को किसी ज़रूरतमंद की सेवा आपके लिए बहुत शुभ है। इसकी प्रवृत्ति हर कुंडली में अलग मात्रा में दिखती है।

  • •नक्षत्र का सार: स्वामी शनि, देवता मित्र, चिह्न कमल का फूल, राशि वृश्चिक
  • •आपकी शक्तियाँ: सच्ची मित्रता, भक्ति, अनुशासन, लोगों को जोड़ना और मुश्किल में भी खिले रहना
  • •ध्यान रखने योग्य: भीतर की जलन, भावनाएँ दबाना, उदासी और भूख या क्रोध को देर तक सहना
  • •आपके लिए उपयुक्त काम: संगठन और प्रबंधन, समाज सेवा, विदेश से जुड़े काम, गणित, ज्योतिष, संगीत और शोध
  • •आपके लिए सलाह: घर से दूर जाने से न डरें, आपका कमल अक्सर नए तालाब में ज़्यादा खिलता है

यह पाठ वही लिखा हुआ विवरण है जो LifeAstroAPI के narrative endpoints इस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर लौटाते हैं।

विशेषताएँ

स्वामी ग्रहशनि
विंशोत्तरी दशाइस नक्षत्र में चंद्रमा होने पर शनि की 19 वर्ष की महादशा से जीवन आरंभ
देवताMitra
चिह्नlotus flower
विस्तार213.33° – 226.67° (सायन-रहित, निरयण)
राशिवृश्चिक
गणदेव
नाड़ीमध्य
योनिMriga
तत्त्वVayu
रज्जुNabhi
नक्षत्र शूलपश्चिम दिशा की यात्रा टाली जाती है

चार चरण

हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, हर चरण 3°20′ का। हर चरण एक नवांश (D9) राशि में पड़ता है। आपके चंद्रमा का चरण नक्षत्र के फल को और सूक्ष्म बनाता है।

चरण 1

नवांश: सिंह

अनुराधा का पहला चरण: सिंह नवांश, स्वाभिमान और नेतृत्व

आपका चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र के पहले चरण में है। यह चरण सिंह नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। इसलिए मित्रता और भक्ति-भाव वाले आपके अनुराधा स्वभाव पर सूर्य का तेज, स्वाभिमान और आगे रहने की चाह का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको नेतृत्व की ओर ले जाता है। काम में प्रशासन, प्रबंधन, मंच या अपना कारोबार आपको रास आता है, और किसी के अधीन घुटकर रहना कठिन लगता है। धन अच्छा आता है और शान से खर्च भी हो सकता है। रिश्तों में आप उदार और वफ़ादार हैं, बदले में सम्मान चाहते हैं। सेहत में दिल, रीढ़ और रक्तचाप का ध्यान रखिए। दूसरों को श्रेय देना सीखिए, आपका क़द इससे बढ़ता है। इसका संकेत दशा और गोचर के साथ बदलता रहता है।

चरण 2

नवांश: कन्या

अनुराधा का दूसरा चरण: कन्या नवांश, बारीकी और सेवा

आपका चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र के दूसरे चरण में है। यह चरण कन्या नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी बुध हैं। इसलिए मित्रता और भक्ति-भाव वाले आपके अनुराधा स्वभाव पर बुध की बारीकी, विश्लेषण और सेवा का भाव का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको व्यवस्थित और मेहनती बनाता है। काम में हिसाब-किताब, चिकित्सा, शोध, संपादन और तकनीकी काम आपको रास आते हैं, और लोग आँख मूँदकर आप पर भरोसा कर सकते हैं। धन आप सोच-समझकर खर्च करते हैं। रिश्तों में आप ज़िम्मेदार हैं, पर साथी की कमियाँ गिनाने की आदत दूरी ला सकती है। सेहत में पेट, आँतें और चिंता का ध्यान रखिए। अस्सी प्रतिशत ठीक काम को पूरा मानना सीखिए। यह संकेत बाक़ी योगों के साथ मिलकर ही अपना पूरा रूप लेता है।

चरण 3

नवांश: तुला

अनुराधा का तीसरा चरण: तुला नवांश, संतुलन और रिश्ते

आपका चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र के तीसरे चरण में है। यह चरण तुला नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। इसलिए मित्रता और भक्ति-भाव वाले आपके अनुराधा स्वभाव पर शुक्र का संतुलन, शिष्टता और रिश्तों की समझ का असर साफ़ दिखता है।

यह चरण आपको मिलनसार और न्यायप्रिय बनाता है। काम में साझेदारी, सलाहकारी, क़ानून, कला और लोगों के बीच रहने वाले काम आपको रास आते हैं। धन अक्सर साझेदार या जीवनसाथी के सहयोग से बढ़ता है, और सुंदर चीज़ों पर खर्च हो सकता है। रिश्ते आपके जीवन का केंद्र हैं, पर सबको ख़ुश रखने में आप अपनी बात दबा सकते हैं। सेहत में गुर्दे, कमर और त्वचा का ध्यान रखिए। छोटे फैसलों के लिए ख़ुद को समय-सीमा दीजिए। यह फल कितना खुलेगा, इसकी संभावना ग्रह-बल पर टिकी रहती है।

चरण 4

नवांश: वृश्चिक

अनुराधा का चौथा चरण: वृश्चिक नवांश, गहराई और इच्छाशक्ति

आपका चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र के चौथे चरण में है। यह चरण वृश्चिक नवांश में पड़ता है, जिसके स्वामी मंगल हैं। इसलिए मित्रता और भक्ति-भाव वाले आपके अनुराधा स्वभाव पर मंगल की गहराई, तीव्र भावनाएँ और अटूट इच्छाशक्ति का असर साफ़ दिखता है। यह वर्गोत्तम चरण है, यानी आपका चंद्रमा राशि और नवांश दोनों में वृश्चिक में है। इससे चंद्रमा को विशेष बल मिलता है और इस नक्षत्र के गुण आपमें ज़्यादा साफ़ और स्थिर रूप में दिख सकते हैं।

यह चरण आपको गंभीर और भीतर से मज़बूत बनाता है। काम में शोध, जाँच, इलाज, बीमा और संकट सँभालने वाले क्षेत्र आपको रास आते हैं, जहाँ दूसरे घबराते हैं वहाँ आप टिकते हैं। धन आप चुपचाप जोड़ते हैं, और साझे धन या विरासत से लाभ हो सकता है। रिश्तों में आप बेहद वफ़ादार हैं, पर शक और जलन रिश्ते को झुलसा सकती है। सेहत में मूत्र-तंत्र और दबे तनाव का ध्यान रखिए। जो मन में है उसे किसी भरोसेमंद से कह दीजिए। इसका फल मिलने की संभावना संबंधित ग्रह की दशा में बढ़ जाती है।

शनि के स्वामित्व वाले अन्य नक्षत्र

अध्याय पढ़िए: नक्षत्र क्या हैं →

Frequently asked questions

अनुराधा नक्षत्र का स्वामी कौन है?

अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। जिस व्यक्ति का चंद्रमा अनुराधा में हो, उसका जीवन विंशोत्तरी दशा में शनि की महादशा से आरंभ होता है, जो पूरी होने पर 19 वर्ष की होती है।

अनुराधा का गण और नाड़ी क्या है?

अनुराधा देव गण और मध्य नाड़ी का नक्षत्र है। अष्टकूट मिलान में गण कूट के 6 और नाड़ी कूट के 8 अंक होते हैं।

अनुराधा नक्षत्र किस राशि में आता है?

अनुराधा निरयण राशिचक्र के 213.33° से 226.67° तक फैला है, जो वृश्चिक राशि में पड़ता है।

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